पारिवारिक बंधन , एक ऐसा बंधन जो किसी भी तरीके से तोडना मुश्किल है. जब हम याद करते हैं, अपने परिवार वालों को और उनकी भूली बिसरी यादों को, तो दिल और दिमाग पता नहीं क्यों एक अजीब सी खुशी महसूस करता है. हमारे भाई - बहन, अम्मा, चाचा - चाची, बुआ मौसी, दीदी - ये सारे एक ऐसी जादुई चीज हैं, जो हमे निरंतर आगे बढ़ने को प्रेरित करती हैं. और हमें आत्मबल प्रदान करती हैं. एक ऐसी भावनात्मक लहर जो हमको समाज में एक गरिमामयी पदवी प्रदान करती है.
हमारे आत्मविश्वास को बढाने का प्रेरक. उनकी चुलबुली हरकतें, जो हमारे गुस्सैल स्वभाव को उकेरती हैं. एक अलग सा चेहरा सामने आता है. लेकिन कुछ देर बाद सब कुछ सामान्य. कभी - कभी परिवार में कुछ न कुछ ऐसा घटित हो जाता है, जो मन को विचलित कर देता है. मन उखड जाता है. लेकिन एक दिन बाद फिर सब कुछ सामान्य. सोचता हु की यह सब मनुष्य की प्रकृति ही है. फिर मई भी तो इससे अछुता नहीं हूँ . फिर क्यू, इन सब बातों पर गौर करूँ , सब कुछ भुला देता हु.
और मस्ती का माहौल, जब हम सब सभी मिलकर गप्प, ठहाके और हंसी करतें हैं तो मन को अजीब सी शांति मिलती है. परिवार में कुछ समय ऐसा भी आता है, जब पूरा माहौल किसी कारण से असामान्य हो जाता है. उस माहौल को भी हम लोग धीरे - धीरे अनुकूल करते हैं. फिर किसी का रूठ जाना, या छोटी - छोटी बातों पर अहम् को लेकर झगडा हो जाना तो आम बात है. लेकिन कुल मिलाकर यही निष्कर्ष निकलता है कि परिवार एक ऐसा माध्यम है, जो हमे जीवन जीने की राह दिखाता है. हर एक भावों और माहौलों में जीना सिखाता है. कठिनाइयों से लड़ना सिखाता है. जो हमारे जीवन का आधार है, और इसी की वजह से ही हम समाज में अपनी प्रतिष्ठा भी बना सकते हैं.
कम से कम मैंने तो इन सारी बातों को महसूस किया है. मैं जो जन्म से ही संयुक्त परिवार में रहता आ रहा हूँ , और उसी का पछधर भी हूँ . और मैं समझता हूँ कि ऐसा सभी के लिए जरूरी है. अगर हमारा परिवार हमारे साथ है, तो हममे एक अजीब सा आत्मविश्वास सामने आता है. और जो हमारे दिमाग को शुद्ध करता है. लेकिन कभी - कभी परिवार में कुछ ऐसे लोगों कि भी उपस्थिति हो जाती है जो परिवार को सही रास्ते पर चलने में असुविधा पैदा करते हैं. हमें ऐसे सदस्यों कि बातों को अनसुना कर देना चाहिए. लेकिन उस सदस्य से कभी ईर्ष्या नहीं रखनी चाहिए. क्यूंकि कुछ लोगों कि प्रवृति ही ऐसी होती है.
परिवार भी एक माध्यम है हमारे व्यक्तित्व को निखारने का. मै ईश्वर से गुजारिश करता हूँ की सभी को एक अच्छा परिवार नसीब हो.
- श्रीश चन्द्र सिंह

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