उदघोषक / Announcer

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Saturday, January 12, 2013

बलात्कारियों की मानसिक विकृति


बलात्कारियों की मानसिकता पर एक लम्बी बहस चल रही है । इस बारे में मनोवैज्ञानिकों से बात करने पर पता चलता है कि बलात्कार के अधिकतर मामलों में बलात्कारी की मानसिक विकृति जिम्मेदार होती है । जबकि कुछ अन्य मामलों में उनके व्यक्तित्व दोष को जिम्मेदार बताया जाता है ।
मनोचिकित्सक डॉ अलोक सरीन बताते हैं कि रिश्तों में खराबी की वजह से कई बार मानसिक दबाव में यौन हिंसा को बढ़ावा मिलता है । अधिकतर मामलों में इसकी वजह सेक्स की लत भी होती है । इसकी अन्य मुख्य वजह लिंग असमानता भी है । जहां पर पुरुष अपने शारीरिक प्रभुत्व को दिखाने के लिए बलात्कार और हिंसा जैसे कुकृत्य करने पर उतारू होते हैं ।
अमेरिका में कई व्यवहार पुनर्वास केन्द्रों में यह पाया गया कि यौन अपराधी के उपचार के बाद भी लोग महिलाओं को उत्पीड़ित करते हुए पकड़े गए । लैंगिक असमानता और यौन रियाअत का न होना भी इसकी एक मुख्य वजह है ।
बलात्कारियों पर शोध के बाद अधिकतर मामलों में यह पाया गया की सेक्स से ज्यादा यह दिमाग से जुड़ा है । जहाँ पर हिंसा की भावना और शारीरिक प्रभुत्व दिखाने की विकृत मानसिकता ही जिम्मेदार होती है ।
बलात्कार होने का मूल कारण यह कभी नहीं हो सकता की नारी का पहनावा किस तरीके का था । या फिर वह रात में घर से बहार क्यों निकली । बल्कि यह बलात्कारी के मन में चलती लगातार सोच और उसकी मनोदशा का प्रत्यक्षीकरण  है । जो लोग यह कहते हैं कि किसी खास पहनावे की वजह से कर्ता की कामवासना इस स्तर पर पहुँच जाती है की वह बलात्कार कर बैठता है । यह बिलकुल गलत और आधारहीन है । यदि ऐसा होता तो छोटी बच्चियों या फिर 50 - 55 साल की महिलाओं के साथ ऐसा कुकृत्य घटित न होता ।
यदि कोई फूल बहुत ही सुन्दर और खुशबू युक्त है और कोई उसे तोड़ कर मसल डाले और गलती भी फूल की बताई जाए तो यह कैसे न्यायसंगत हो सकता है । 
अतएव बलात्कार, बलात्कारी के मन में चलती लगातार विकृत मानसिकता का ही प्रतिरूप है ।

1 comment:

  1. Bilkul, esme mahila paksh ko gunahgar nhi thahraya ja sakta.

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